Fundamental Forces (Moulik Bl)

क्या आप भी कभी सोचते है की आखिर ये पृथ्वी कैसे टिकी है या फिर ये कैसे सूरज के चारों तरफ Revolve करती है ? आखिर कैसे ये Universe कैसे अपनी Shape मे बना हुआ है? आखिर परमाणु (Atom) कैसे अपनी Shape बनाए रखते है ? आखिर कैसे हम पृथ्वी पर टीके रहते है ? ओर भी बहुत से इन सभी सवालों का एक ही जवाब है वो है प्रकृति मे मौजूद मौलिक बल ।

प्रकार्ति मे मोजूद चार मौलिक बल क्या है ? (What is Four Fundamental Forces ?)

पिछले कई सदियों से वैज्ञानिकों ने अलग अलग तरह के बल के बारे मे बताया गया है जो हमारे ब्रह्मांड मे मोजूद अलग अलग forces (बल) की जानकारी देते है । इसमे कुछ ऐसे बल भी है जो पूरे Universe मे हर जगह मोजूद है और वह ही हमारे ब्रह्मांड को उसकी संरचना बनाए रखने मे मदद करते है, उन्हे ही मौलिक बल कहा जाता है । जिनमे चार तरह के बल आते है – गुरुतवाकर्षण बल (Gravitational Force) , विधयुत चुंबक बल (Electro Magnetic Force) , कमजोर और मजबूत नाभीय बल (Weak and Strong Nuclear Force).

यही बल है जो हमारे ब्रह्मांड की रचना करते है ओर साथ ही उसे बांधे भी रखते है । इन्ही बल के कारण हमारी पृथ्वी टिकी है ओर यह सूर्य के चारों ओर परिक्रमा कर रही है और इन्ही बल के कारण परमाणु अपनी Shape बनाए रखता है। चूंकि यह बल पूरे ब्रह्मांड मे एक तरह से ही Behave करते है, इनकी properties same होती है इसलिए इन्हे Fundamental forces कहा जाता है ।

आईए इन चारों मौलिक बल के बारे मे थोड़ा विस्तार से जाने :-

गुरतवाकर्षण बल (Gravitational Force) क्या है ?

यह दो वस्तु के बीच लगने वाले आकर्षण बल को गुरुतवाकर्षण बल कहते है । यह बल वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है, जितना अधिक द्रव्यमान उतना अधिक गुरुतवाकर्षण बल । इसलिए हम कह सकते है की Gravity Directly Proportional to Mass (g -> m1. m2) [गुरुतवाकर्षण दोनों Object के द्रव्यमान से सीधे आनुपातिक है ] ।

इसी बल के कारण हम लोग पृथ्वी पर टीके रहते है , और पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा भी इसी बल के कारण revolve करता है ओर सूर्य के गुरतवाकर्षण के कारण ही पृथवी सूर्य की परिक्रमा करती है ओर इसी के कारण हमारी आकाशगंगा या कोई भी गैलक्सी अपने मध्य मे मोजूद ब्लैक होल से बंधे होती है ।

गुरुतवाकर्षण बल (मौलिक बल )

गुरुत्वाकर्षण बल की खोज मे दो वैज्ञानीक का नाम सबसे ऊपर आता है , न्यूटन और अल्बर्ट आइन्सटाइन । इन दोनों के दिए गए सिद्धांतों के कारण ही हम इस बल को बहुत अच्छे से समझ पाए ओर आज की हमारी टेक्नॉलजी सब इन्ही के सिद्धांतों पर कार्य करती है । इस दिशा मे दोनों वैज्ञानीक के कीये गए कार्यों ओर इसे अधिक विस्तार से समझने के लिए हमारा यह लेख आवश्य पढे :- गुरुतवाकर्षण बल क्या है ?

विद्युत चुम्बकीय बल (Electromagnetic Force) क्या है?

विद्युत चुम्बकीय बल विद्युत (Electric) और चुम्बकीय (Magnetic) Fields के मध्य लगने वाला बल है, जो बिजली के आधार पर कार्य करता है। इस शक्ति के कारण ही हम इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कर सकते हैं, और बिजली के माध्यम से अनेक कार्य कर सकते हैं।

विद्युत चुम्बकीय बल (Electromagnetic Force) क्या है?

इसे समझने के लिए, हमें कुछ मौलिक सिद्धांतों की समझ करनी होगी।

पहला सिद्धांत है Black Capacitance या Charge: इसके अर्थ है कि किसी भी वस्तु में मोजूद Electric Charge पॉजिटिव या नेगेटिव हो सकता है। इन चार्जों के बीच की दूरी और उनके परस्पर क्षमता के आधार पर, Electromagnetic Force का निर्माण होता है।

दूसरा सिद्धांत है मैग्नेटिज्म: मैग्नेटिज्म भी विद्युतीय क्षेत्र का एक हिस्सा है, जो चुम्बकीय क्षमता के माध्यम से कार्य करता है।

दोस्तों इस Field मे  Coulomb’s के Law की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है जिसको हमने अपने एक लेख मे विस्तार से बताया है जिसे आप विस्तार से समझने के लिए हमारा यह लेख पढ़ सकते है – विद्युत चुम्बकीय बल (Electromagnetic Force) क्या है?

कमजोर और मजबूत परमाणु बल (Weak and Strong Nuclear Force) क्या है ?

यह दोनो बल भी प्रकृति मे मोजूद चारों मौलिक बलों मे से एक है और यह परमाणु (Nuclear) स्तर पर कार्य करते है ।

कमजोर और मजबूत नाभीय बल - मौलिक बल

मजबूत नाभीय बल

परमाणु के केंद्र में स्थित नाभिक (nucleus) प्रोटॉन और न्यूट्रॉन से मिलकर बना होता है। प्रोटॉन Positively Charged होते हैं, जिसका अर्थ है कि वे एक-दूसरे को प्रतिकर्षित (repel) करने का प्रयास करते हैं। लेकिन Nucleus बिखरता नहीं है क्योंकि प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के बीच एक शक्तिशाली आकर्षण बल (Attraction Force) कार्य करता है, जिसे मजबूत नाभिकीय बल (Strong Nuclear Force) के नाम से जाना जाता है। इस बल को समझने के लिए वैज्ञानिकों ने Gluons नामक पार्टिकल का concept दिया है ।

कमजोर नाभीय बल

मजबूत नाभिकीय बल के Opposite , कमजोर नाभिकीय बल (Weak Nuclear Force) प्रकृति में बहुत कमजोर होता है। यह बल नाभिकीय क्षय (radioactive decay) जैसी प्रक्रियाओं में कार्य करता है, जहाँ एक Unstable Radioactive Decay होकर एक अधिक Stable Nucleus में Convert हो जाता है।

दोस्तों इन दोनों कमजोर ओर मजबूत नाभीय बल को हमने विस्तार से एक लेख मे समझाया है और साथ ही उसमे इन दोनों बालों के सूत्र ओर theories को दर्शाया है। जिन्हे आप लिंक पे क्लिक करके विस्तार से पढ़ सकते है :- कमजोर और मजबूत परमाणु बल (Weak and Strong Nuclear Force)

निष्कर्ष

हमारे ब्रह्मांड को उसकी संरचना बनाए रखने या पृथ्वी की अपनी जगह पे टीके रहने के लिए मौलिक बल की आवश्यकता होती है और इन्ही बल के कारण छोटे से परमाणु भी अपनी shape मे बने रहते है जिनसे ये पूरा Universe बना है ।

चाहे एक ब्लैक होल के चारोंतरफ एक आकाशगंगा का बनना हो या सूर्य के चारों तरफ ग्रहों का घूमना हो या फिर किसी ग्रह के चारों तरफ किसी चंद्रमा का घूमना हो । यहा तक की हमारे वायुमंडल का टीके रहना ओर Atom के अंदर nucleus का बने रहने मे भी यही चार मोलिक बल अहम भूमिका निभाते है ।

उम्मीद करते है दोस्तों आपको यह लेख पसंद आया होगा और आपको यह लेख कैसा लगा हमे कमेन्ट करके अवश्य बताए ओर साथ ही अपनी राय भी साझा करे ।

जय हिन्द !

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